Mon. May 25th, 2020

Gopi Rasoi

यह प्रयास है ताकि कोई भी व्यक्ति भूख से पीड़ित न रहे

Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से मिलता है अश्वमेघ यज्ञ जितना फल, 15 जनवरी को है मकर संक्रांति

1 min read
Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से मिलता है अश्वमेघ यज्ञ जितना फल, 15 जनवरी को है मकर संक्रांति

Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से मिलता है अश्वमेघ यज्ञ जितना फल, 15 जनवरी को है मकर संक्रांति

Makar Sankranti 2020: On the day of Makar Sankranti, bathing the Ganges gives fruit as much as Ashwamedh Yagya, on January 15, Makar Sankranti, Makar Sankranti 2020:

नववर्ष 2020 पर माघ कृष्ण पक्ष त्रयोदशी पर भगवान भास्कर का राशि परिवर्तन होगा। वे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मकर राशि में पहुंचने पर 15 जनवरी को पूरे प्रदेश में मकर संक्रांति मनायी जाएगी।

पुण्यकाल अगले दिन के पूर्वाह्न में होगा

14 जनवरी की रात 2.08 बजे सूर्य का धनु से मकर राशि में संक्रमण होगा। इसलिए मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनायी जाएगी। लोक मान्यता है कि संक्रांति मध्य रात्रि के बाद हो तो पुण्यकाल अगले दिन के पूर्वाह्न में होगा। दिन में संक्रांति हो तो पूरा दिन पुण्यकाल और मध्यरात्रि से पहले हो संक्रांति, दिन के उत्तरार्ध में पुण्यकाल होता है।

शुभ मांगलिक कार्य शुरू होंगे-
सूर्य के उत्तरायण होते ही खरमास भी समाप्त हो जाएगा। साथ ही शुभ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। दिन अपेक्षाकृत बड़े होने लगते हैं।

माघ स्नान भी शुरू होगा-

धर्म मास माघ भी मकर संक्रांति से शुरू होगा। माघ में मां गायत्री और सूर्य की उपासना प्राचीन काल से की जाती है। माघ मास में प्रात:स्नान से सूर्य की ऊर्जा मिलती है।

Makar Sankranti 2020: ये है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त, जानिए राशियों पर होगा क्या असर

Makar Sankranti 2020: ये है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त, जानिए राशियों पर होगा क्या असर
Makar Sankranti 2020: ये है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त, जानिए राशियों पर होगा क्या असर

गंगास्नान से पांच अमृत तत्वों की प्राप्ति होती है-
ज्योतिषाचार्य बिपेंद्र झा माधव के अनुसार मकर संक्रांति पर गंगा स्नान से एक करोड़ अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इसी दिन महर्षि प्रवहण को प्रयाग के तट पर गंगा स्नान से सूर्य भगवान से पांच अमृत तत्वों की प्राप्ति हुई थी। ये तत्व हैं- अन्नमय कोष की वृद्धि, प्राण तत्व की वृद्धि, मनोमय तत्व यानी इंद्रीय को वश में करने की शक्ति में वृद्धि, अमृत रस की वृद्धि यानी पुरुषार्थ की वृद्धि, विज्ञानमय कोष की वृद्धि यानी तेजस्विता व भगवत प्राप्ति का आनंद।

Makar Sankranti 2020: ये है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त, जानिए राशियों पर होगा क्या असर

उभयचरी और बुधादित्य योग में मकर संक्रांति-
मकर संक्रांति पर सूर्य से संबंधित एक योग उभयचरी का निर्माण होगा। सूर्य से दूसरे भाव में शुक्र और द्वादश भाव में गुरु के रहने से यह बनेगा। वहीं मकर राशि में सूर्य और बुध के साथ रहने से बुधादित्य योग बनेगा।

सूर्य होंगे उत्तरायण यानी देवताओं का दिन होगा-

मकरसंक्रांति से सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे। यह भी मान्यता है कि दिवगंत आत्माएं भी उत्तर दिशा में हो जाती हैं, जिससे उन्हें देवताओं का सानिध्य मिलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *