Wed. Apr 8th, 2020

Gopi Rasoi

यह प्रयास है ताकि कोई भी व्यक्ति भूख से पीड़ित न रहे

इस माह अवश्य करें पवित्र नदियों में स्नान

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माघ माह में पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि माघ माह में स्नान से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। यह भी माना जाता है कि माघ स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ मास की ऐसी महिमा है कि इस माह जहां कहीं भी जल संग्रहित है वह जल गंगाजल के समान हो जाता है। माघ स्नान करने वाले मनुष्यों पर भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा बरसती है।

माघ स्नान से सुख, सौभाग्य, धन, संतान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ मास में प्रयाग, वाराणसी, नैमिषारण्य, हरिद्वार, नासिक आदि पवित्र तीर्थक्षेत्रों में जलस्रोतों में स्नान करना शुभ माना जाता है। राजस्थान के पुष्कर सरोवर में माघ स्नान का भी विशेष महत्व है। माघ मास की पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने से मनुष्य को पापों से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं। गौतम ऋषि द्वारा अभिशप्त देवराज इंद्र को भी माघ स्नान के महाम्त्य से ही श्राप से मुक्ति मिली थी। इस मास के दौरान मनुष्य को कम से कम एक बार पवित्र नदी में स्नान अवश्य करना चाहिए। स्नान के बाद भगवान विष्णु का पूजन-अर्चन करना चाहिए। माघ मास में दान का विशेष महत्व है। दान में तिल, गु़ड़ और कंबल का विशेष पुण्य है। माघ मास में तिल अवश्य खाना चाहिए। तिल को सृष्टि का प्रथम अन्न माना जाता है। इस मास में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अवश्य करें।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।





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